Engineer’s Day – इंजीनियर्स डे क्यों मनाया जाता है...

Engineer’s Day – इंजीनियर्स डे क्यों मनाया जाता है…

इवेंटस

आज हम इंजीनियर दिवस (Engineer’s Day) के बारे में बात करने वाले हैं. एक इंजीनियर का नाम सुनते ही न जाने आपके मन में तुरंत यह सवाल आते होंगें कि इसने कौन सी डिग्री की है कहाँ से पढाई पूरी की है? किस कॉलेज से इसने इंजीनियर की डिग्री हासिल की है? साथ ही किस कंपनी में यह कार्य करता है ? और इसकी सैलरी कितनी होगी अगर यह इंजीनियर है तो इसका प्रमुख कार्य क्या होता है? जैसे बहुत से सवाल आते हैं क्योंकि भारतीय समाज में इंजीनियर को एक बहुत अलग नज़रिये से देखा जाता है.

शायद आपको यह बात का न पता हो कि भारत समेत कई अन्य देशों में भी इंजीनियर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है क्योंकि Engineer’s Day मनाने के पीछे एक इतिहास छुपा है जिसके कारण यह दिन सेलिब्रेट किया जाता है. अन्य देशों में इंजीनियर डे अलग-अलग तारीख पर मनाया जाता है परन्तु भारत में यह हर साल 15 सितंबर को मनाया जाता है.

भारत में Engineer’s Day एक विख्यात और महान इंजीनियर जिनका नाम डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की याद में मनाया जाता है Dr. Mokshagundam Visvesvaraya भारत के महान इंजीनियर थे जिनका योगदान इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अमुल्य था. डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या का जन्म 15 सितंबर 1860 को हुआ था उनके जन्म दिवस के उपलक्ष में और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदानों को श्रदांजलि देने के लिए हर वर्ष 15 सितंबर को इंजीनियर डे ‘अभियंता दिवस ‘ मनाया जाता है.

इंजीनियर दिवस क्या है?

भारत में प्रतिवर्ष 15 सितंबर को  इंजीनियर्स डे (Engineer’s Day) के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन भारत के महान अभियन्ता एवं भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या का जन्मदिन है।

एम् विश्वेश्वरय्या भारत के महान इंजिनियरों में से एक थे, इन्होंने ही आधुनिक भारत की रचना की और भारत को नया रूप दिया. उनकी दृष्टि और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में समर्पण भारत के लिए कुछ असाधारण योगदान दिया।

इंजीनियर दिवस का इतिहास- History of Engineer’s day

इंजीनियर डे का History बड़ा अनोखा है यह तो आप सब जानते हैं कि हम इंजीनियर डे सेलिब्रेट करते हैं डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या के जन्म दिवस के रूप में और उनको उनके कार्य के लिए श्रदांजलि देने के लिए इंजीनियर डे मनाया जाता है। 15 सितंबर 1860 को जन्मे मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या मैसूर के दीवान थे और उनका कार्यकाल 1912-1918 तक रहा। डॉ विश्वेश्वरैया जीवन उपलब्धियों से भरा रहा। इसके लिए उन्हें न सिर्फ़ 1955 में भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया बल्कि सार्वजनिक जीवन में योगदान के लिए किंग जॉर्ज पंचम ने उन्हें ब्रिटिश इंडियन एम्पायर के नाइट कमांडर से भी नवाज़ा। उनके सम्मान में उनके जन्म दिवस के ही दिन देश में Engineer’s Diwas मनाया जाता है।

इंजीनियर दिवस क्यों मनाया जाता है – Why Celebrate Engineer’s Day?

इंजीनियर डे डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या को याद करते हुए उनके जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है साथ ही इस दिन यानि इंजीनियर डे को सेलिब्रेट करने का एक और मकसद है वह यह कि युवाओं की सोच और उनकी मानसिकता का झुकाव इंजीनियर के क्षेत्र की तरफ करना जिससे भारत को भविष्य में बेहतर और योग्यता वाले इंजीनियर प्राप्त हो सकें साथ ही वह डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या जैसे व्यक्ति और इंजीनियर जो कि मेहनती, कर्मठ, ईमानदार और आदर्शवादी सोच के इंसान थे उनको अपना आदर्श मानें व उनके नक़्शे कदम पर चलने की कोशिश करें.

हम इंजीनियर दिवस कब मनाते हैं?

महान भारतीय इंजीनियर भारत रत्न  डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या  के याद में भारत में हर साल 15 सितंबर को Engineer’s Day मनाया जाता है। मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या एक महान इंजीनियर थे और उनके बेहतरीन कार्यों के लिए उन्हें साल 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. देश भर में बने कई नदियों के बांध, ब्रिज और पीने के पानी की स्कीम को कामयाब बनाने के पीछे मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या  का बहुत बड़ा हाथ है. इन्हीं के कारण देश में पानी की समस्या दूर हुई थी.

एम् विश्वेश्वरैया भारत के महान इंजिनियरों में से एक थे, इन्होंने ही आधुनिक भारत की रचना की और भारत को नया रूप दिया. उनकी दृष्टि और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में समर्पण भारत के लिए असाधारण योगदान दिया. उन्ही को सम्मान देने के लिए ही उनके जन्मदिन यानि 15 सितम्बर को ही इंजीनियर डे मनाया जाता है.

 हम 15 सितंबर को इंजीनियर दिवस क्यों मनाते हैं?

हम डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या  के याद में भारत में हर साल 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। इसका दूसरा कारण ये भी है की Engineer’s Diwas मनाने का उद्देश्‍य है भारत में विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करना। इंजीनियर देश को समृद्ध और विकसित बनाने में अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत इंजीनियरिंग व आईटी के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश है। इंजीनियरिंग एक विस्तृत क्षेत्र है और अब तो भारत में कई विषयों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवाई जाती है।

क्या होता है Engineer’s Day पर?

इंजीनियर डे के दिन सभी इंजिनियर को बधाई दी जाती है. इंजीनियरिंग कॉलेज, ऑफिस में कार्यक्रम होते है. आजकल बढाई देने के लिए सोशल मीडिया, फ़ोन का उपयोग सबसे ज्यादा होता है. लोग एक दुसरे को मेसेज भेजते है, कविता शायरी शेयर की जाती है. डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या जी को याद करके, कार्यक्रम आयोजन किया जाता है.

भारत के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियर

भारत के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियर की बात करे तो सबसे पहले भारतरत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या थे। ये भारत के प्रसिद्ध इंजीनियर विद्वान राजनेता थे। इंजीनियर दिवस इनकी ही याद में मनाया जाता है। इनके अलावा सतीश धवन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ई. श्रीधरन, रघुराम गोविंद राजन सुंदर पिचाई सत्या नाडेल्ला नागवरा रामोराव नारायण मूर्ति वर्गीज कूरियन, सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा।

सारांश

मुझे आशा है कि आपको मेरा यह लेख “Engineer’s Day – इंजीनियर्स डे क्यों मनाया जाता है” पसंद आया होगा और आपको यह उपयोगी और प्रेरक लगा होगा. मेरी यही कोशिश है कि मैं अपने पाठकों को इसके बारे में पूरी जानकारी दूं जिससे सम्बंधित विषय से आपको जानकारी के लिए कहीं और खोजना न पड़े और आपका समय और मेहनत दोनों बचे। यदि आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर सकते हैं. और हाँ अगर कोई टॉपिक छूट गया हो या फिर आपका कोई सुझाव हो तो आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं. हम उस पर अमल करने की पूरी कोशिश करेंगे.

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